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Monday, February 27, 2012

नयी पीढी

वर्तमान दौर की युवा पीढ़ी मुझे
ज्यादा ऊर्जावान लगती है। ये खुद
को ज्यादा अच्छे से प्रस्तुत करते हैं। पुराने
समय के बच्चों की तुलना में आज के बच्चे
ज्यादा प्रोफेशनल भी हैं। अगर संगीत के
क्षेत्र की बात की जाए, तो इसमें भी मुझे
बहुत ज्यादा उत्साही युवक दिखाई पड़ते
हैं, लेकिन इनके साथ समस्या एक ही है।
इनमें नतीजे की जल्दी है। ये हर चीज
जल्दी पाना चाहते हैं। सामान्यत: पैसा-
प्रसिद्धि की चाह सभी को रहती है और
यह सब समय आने पर मिलता भी है, लेकिन
बड़े कलाकार जैसा पहनते हैं या जैसा करते
हैं- वैसा करने की कोशिश कहां तक सही है?
व्यक्ति को अपनी हैसियत
पता होनी चाहिए। युवाओं के साथ
यही परेशानी है कि बजाय रियाज करने
के, उनका ध्यान धन-शोहरत पाने पर
रहता है।

Friday, February 17, 2012

-----शहरयार-----

कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता
कहीं ज़मीं तो कहीं आसमाँ नहीं मिलता
जिसे भी देखिये वो अपने आप में गुम है
ज़ुबाँ मिली है मगर हमज़ुबाँ नहीं मिलता
बुझा सका है भला कौन वक़्त के शोले
ये ऐसी आग है जिस में धुआँ नहीं मिलता
तेरे जहान में ऐसा नहीं कि प्यार न हो
जहाँ उम्मीद हो इस की वहाँ नहीं मिलता

चाणक्य

चाणक्य के 15 सूक्ति वाक्य ----
1) "दूसरो की गलतियों से सीखो अपने
ही ऊपर प्रयोग करके सीखने
को तुम्हारी आयु कम पड़ेगी."
2)"किसी भी व्यक्ति को बहुत ईमानदार
नहीं होना चाहिए ---सीधे बृक्ष और
व्यक्ति पहले काटे जाते हैं."
3)"अगर कोई सर्प जहरीला नहीं है तब
भी उसे जहरीला दिखना चाहिए वैसे दंश
भले ही न दो पर दंश दे सकने
की क्षमता का दूसरों को अहसास करवाते
रहना चाहिए. "
4)"हर मित्रता के पीछे कोई स्वार्थ जरूर
होता है --यह कडुआ सच है."
5)"कोई भी काम शुरू करने के पहले तीन
सवाल अपने आपसे पूछो ---मैं ऐसा क्यों करने
जा रहा हूँ ? इसका क्या परिणाम होगा ?
क्या मैं सफल रहूँगा ?"
6)"भय को नजदीक न आने दो अगर यह
नजदीक आये इस पर हमला करदो यानी भय
से भागो मत इसका सामना करो ."
7)"दुनिया की सबसे बड़ी ताकत पुरुष
का विवेक और महिला की सुन्दरता है."
8)"काम का निष्पादन करो , परिणाम से
मत डरो."
9)"सुगंध का प्रसार हवा के रुख
का मोहताज़ होता है पर अच्छाई
सभी दिशाओं में फैलती है."
10)"ईस्वर चित्र में नहीं चरित्र में
बसता है अपनी आत्मा को मंदिर बनाओ."
11) "व्यक्ति अपने आचरण से महान होता है
जन्म से नहीं."
12) "ऐसे व्यक्ति जो आपके स्तर से ऊपर
या नीचे के हैं उन्हें दोस्त न बनाओ,वह
तुम्हारे कष्ट का कारण बनेगे. सामान स्तर
के मित्र ही सुखदाई होते हैं ."
13) "अपने बच्चों को पहले पांच साल तक
खूब प्यार करो. छः साल से पंद्रह साल तक
कठोर अनुशासन और संस्कार दो .सोलह
साल से उनके साथ मित्रवत व्यवहार
करो.आपकी संतति ही आपकी सबसे
अच्छी मित्र है."
14) "अज्ञानी के लिए किताबें और अंधे के
लिए दर्पण एक सामान उपयोगी है ."
15) "शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है.
शिक्षित व्यक्ति सदैव सम्मान पाता है.
शिक्षा की शक्ति के आगे युवा शक्ति और
सौंदर्य दोनों ही कमजोर हैं ."